Saturday, December 29, 2018

Himachal Pradesh Lakes | हिमाचल प्रदेश की प्रमुख झीलें | कृत्रिम झीलें | प्राकृतिक झीलें

Himachal Pradesh Lakes | हिमाचल प्रदेश की प्रमुख झीलें | कृत्रिम झीलें | प्राकृतिक झीलें
( हिमाचल प्रदेश की प्रमुख झीलें )

1. हिमाचल प्रदेश की बनावटी (कृत्रिम झीलें ) ----

(i) गोविन्द सागर झील : गोविन्द सागर हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है | यह झील बिलासपुर जिलें में सतलुज नदी पर बनी है | इस झील की लम्बाई 88 किमी. है | इस झील का क्षेत्रफल 168 वर्ग किलोमीटर है | 
(ii) पौंग झील : यह झील काँगड़ा जिलें में स्थित है |  यह झील ब्यास नदी पर बनी हुई है | इसकी लम्बाई 42 किमी. है | इस झील के पास पौंग बांध भी है, जो 1960 में बना था | यह झील महाराणाप्रताप सागर के नाम से जानी जाती है | 
(iii) पंडोह झील : यह झील मंडी जिलें में ब्यास नदी पर बनी हुई है | इसकी लम्बाई 14 किमी. है | 
(iv) चमेरा झील : चमेरा झील कृत्रिम झील है जो रवि नदी के पानी से बनी है | यह झील चम्बा में स्थित है | इसकी लम्बाई 27 किलोमीटर है | 




2. हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक झीलें ----

(क) गड़ासरु झील : गड़ासरु झील की लम्बाई 1 किमी. है और इसकी ऊंचाई 3505 मीटर है | यह तहसील चुराह तहसील में देवी कोठी के पास स्थित है | 
(ख) खजियार झील : खजियार झील की लम्बाई 0.5 किमी. है और इसकी ऊंचाई 1951 मीटर है | खजियार को हिमाचल प्रदेश का स्विट्ज़रलैंड कहा जाता है | इसे यह नाम पी. ब्लेजर ने 7 जुलाई, 1992 को दिया | 
(ग) लामा झील : लामा झील की ऊंचाई 3962 मीटर है | यह सात झीलों का समूह है | लामा झील भरमौर उपमंडल में स्थित है | 
(घ) मणिमहेश झील : मणिमहेश झील की ऊंचाई 3950 मीटर है | यह कैलाश पर्वत के निचे स्थित है | 
(ड़) महाकाली झील : महाकाली झील की ऊंचाई 3657 मीटर है | 

(क) डल झील : डल झील की ऊंचाई 1775 मीटर है और यह झील धर्मशाला से 11 किलोमीटर दूर है | 
(ख) करेरी झील : करेरी झील की ऊंचाई 1810 मीटर है | जो काँगड़ा जिलें में स्थित है |



(क) कुमारवाह झील : कुमारवाह झील ऊंचाई 3150 मीटर है जो मंडी जिलें में स्थित है | 
(ख) पराशर झील : पराशर झील की ऊंचाई 2743 मीटर है | 
(ग) रिवालसर झील : इस झील को बौद्ध लोग पद्माचन भी कहते है | इसकी ऊंचाई 1360 मीटर लगभग है | 
(घ) कुन्त भयोग झील : इस झील की ऊंचाई 1700 मीटर है | 
(ड) कमरुनाग झील : कमरुनाग झील की ऊंचाई 3334 मीटर है | 
(च) कालासर झील व् सुखसागर झील भी मंडी झीले में स्थित है | 

(क) मानतलाई झील (पार्वती नदी के उद्गम स्थल पर स्थित)
(ख) भृगु झील, दशहर झील (रोहतांग दर्रे के समीप है) स्त्रयुल झील व् सरवालसर झील कुल्लू जिलें में स्थित है | 

(क) सूरजताल झील : इस झील की ऊंचाई 4800 मीटर है | भागा नदी का उद्गम स्थान बारालाचा दर्रे के समीप यह झील स्थित है | 
(ख) चंद्रताल झील : इस झील की ऊंचाई 4270 मीटर है | इस झील को लोहित्य सरोवर के नाम से जाना जाता है
(ग) ढंखर झील भी लाहौर-स्पीति जिलें में स्थित है |



(क) चन्द्रनाहन झील : इस झील की ऊंचाई 4267 मीटर है | यह झील रोहड़ू शिमला है | 
(ख) तानु जुब्बल झील : यह जिल नारकंडा में स्थित है | 
(ग) गढ़ कुफर, कराली झील, बारदोनसर झील भी शिमला जिलें में स्थित है |  

(क) नाको झील : वह झील किनौर जिलें में स्थित है इस झील की ऊंचाई 3662 मीटर है | 
(ख) सोरंग झील : सोरंग झील भी किनौर जिलें में स्थित है | 

(क) रेणुका झील : यह हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है | यह झील 2.5 किलोमीटर लम्बी है | इसकी आकृति सोइ हुई स्त्री जैसे है 
(ख) सुकेती झील : सुकेती झील भी सिरमौर जिलें में स्थित है | 

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